आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अगामी यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस का शनिवार को प्रशासन ने सीतापुर में कार्यालय सील कर दिया है। आज एसडीएम, ईओ, कोतवाल समेत कई चौकी प्रभारियों ने कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पहुंचकर ताला लगवाया दिया है। यह कार्रवाई कार्यालय की जमीन को नजूल की बताते हुए की गयी है। कार्रवाई का विरोध जताने के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इसके खिलाफ रोष व्याप्त है।
अधिकारियों का कहना है कि सीतापुर शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय नजूल भूमि पर बने घंटाघर की इमारत में चल रहा था। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन, अधिशासी अधिकारी विकास कुमार, तहसीलदार अजीत जायसवाल, शहर कोतवाल दिनेश प्रकाश पाण्डेय मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि नजूल भूमि पर अवैध कब्जा और वर्ष 1971 के बाद से लगभग 55 वर्षों तक किराया न जमा करना कार्रवाई का कारण बना है।
दरअसल नगर पालिका प्रशासन ने बीती चार जुलाई 2026 को नोटिसा सौंपा था। शहर कांग्रेस कमेटी के द्वारा स्टे के लिए हाईकोर्ट में याचिका दी गई थी। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद नगर पालिका के द्वारा 15 दिन का समय दिया गया था। समय की अवधि खत्म होने के बाद प्रशासन ने शहर कांग्रेस कार्यालय को सील कर ताला लगा दिया है।
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बता दें कि नगर पालिका परिषद द्वारा 15 दिनों के भीतर कार्यालय खाली कर कब्जा सौंपने का निर्देश दिया गया था। कांग्रेस ने इस बेदखली आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया और आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कार्यालय पर कब्जा ले लिया है।




















