आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, दो नए एक्सप्रेसवे समेत 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र तीन से छह अगस्त तक आयोजित करने का फैसला भी लिया गया।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत प्रदेश के सभी कॉलेजों की टॉप-पांच छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और इससे करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
करीब 50 हजार छात्राओं को मिलने वाली स्कूटी के साथ बीमा, पंजीकरण, हेलमेट और पांच लीटर पेट्रोल का खर्च भी सरकार ही उठाएगी। इसके साथ ही योजना में स्नातक उत्तीर्ण दिव्यांग छात्राओं, निराश्रित बालिकाओं और शहीदों की बेटियों को बगैर मेरिट के ही स्कूटी दी जाएगी। सरकार इस पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही ये भी बताया कि योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी छात्राओं को मिलेगा। पात्र छात्रा के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक होनी चाहिए।
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कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण को को मंजूरी दी गई है। यह प्रयागराज से सोनभद्र तक 333 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत 26 हजार करोड़ रुपये होगी। ये एक्सप्रेसवे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति देगा। इसके अलावा विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी गई। 117 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली से होकर गुजरेगा। परियोजना की कुल लागत 9,039 करोड़ रुपये होगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन को…
वहीं कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। अधिक संख्या में आवास आने के कारण मार्ग में बदलाव किया गया है। परिवर्तन से परियोजना की कुल लागत में कोई वृद्धि नहीं होगी। साथ ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य परियोजनाओं के ईपीसी मोड में निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन संबंधी प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई।
यूनिवर्सिटी में स्थापित होंगी शोध पीठ
साथ ही बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शोध पीठ स्थापित की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक यूनिवर्सिटी को दो करोड़ रुपये तथा पात्र महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखी जाएगी और उसके ब्याज से शोध गतिविधियों का संचालन होगा। इसके लिए 50 वर्ष पुराने तथा पांच हजार से अधिक छात्र क्षमता वाले महाविद्यालय पात्र होंगे। आवश्यकता पड़ने पर सीएसआर और अन्य स्रोतों से भी सहयोग लिया जा सकेगा।
महिला छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी
इसके अलावा यूपी कैबिनेट बैठक में बसंत महिला विश्वविद्यालय, वाराणसी में 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए महिला छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी। इस पर 2.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 220 छात्राओं की क्षमता वाला एक छात्रावास संचालित है।
नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के बस बेड़े को बढ़ाने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस निर्णय के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 400 करोड़ रुपये के प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 25.50 करोड़ रुपये का खर्च यूपीएसआरटीसी वहन करेगा। इसी के साथ 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि कैबिनेट फैसले के मुताबिक रोडवेज बेड़े में 100 इलेक्ट्रिक बसें व 150 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इन बसों के संचालन से प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं के अनुरूप बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मैन्युफैक्चरर्स को प्राथमिकता
नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर कुल 425.50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष 25.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से करेगा। योगी सरकार ने बसों की खरीद में उत्तर प्रदेश के मैन्युफैक्चरर्स को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
तीन से छह अगस्त तक चलेगा का मानसून सत्र
इस दौरान कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र तीन अगस्त से छह अगस्त तक आयोजित करने को मंजूरी दी गई है। चार दिवसीय सत्र के दौरान राज्य सरकार विभिन्न विधायी कार्यों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रस्तावों को सदन में प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा महिला कल्याण, सचिवालय प्रशासन, गृह, राज्य कर, परिवहन, स्टांप एवं पंजीयन तथा सहकारिता विभागों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।




















