अखिलेश का भाजपा पर आरोप, सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता राष्ट्र नहीं, बल्कि चंदा

अखिलेश यादव
प्रेसवार्ता में बोलते अखिलेश यादव।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन पर बुधवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता राष्ट्र नहीं, बल्कि चंदा है। उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवाद, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं के कथित दुरुपयोग को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने पार्टी को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए ‘पीडीए स्वाभिमान सहयोग’ अभियान शुरू करने की घोषणा भी की।

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सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी जल्द ही क्यूआर कोड के माध्यम से ‘पीडीए स्वाभिमान सहयोग’ अभियान शुरू करेगी। इसके तहत समर्थकों से न्यूनतम 20 रुपए का सहयोग लिया जाएगा, जिससे संगठन को और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने कहा, “भाजपा की नजर नेशन पर नहीं, डोनेशन पर है। इनके लिए ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, ‘डोनेशन फर्स्ट’ है।”

चंदा विवादों के बीच दबाए जा रहे पेपर लीक के गंभीर विषय

इस दौरान अखिलेश ने आरोप लगाया कि आस्था और श्रद्धा से खिलवाड़ किया गया है तथा अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मुद्दों ने पूरे देश में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप था कि चंदा और अन्य विवादों के बीच पेपर लीक जैसे गंभीर विषय दबाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकार से सवाल पूछता है तो उसके खिलाफ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण छात्र कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो गए हैं, जबकि सरकार उन पर भी दबाव बनाने का काम कर रही है।

संविधान लोकतंत्र की मर्यादा का प्रतीक

वहीं सपा सुप्रीम ने कहा कि भाजपा के ‘शब्दकोष में न धर्म है और न शर्म।’ उन्होंने आरोप लगाया कि संतों का अपमान किया जा रहा है, प्राथमिक विद्यालय बंद हो रहे हैं और मुख्यमंत्री के गृह जनपद तक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभावित हो रहे हैं। राम मंदिर और संविधान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के आदर्श हैं, जबकि संविधान लोकतंत्र की मर्यादा का प्रतीक है।

भाजपा ने सभी की श्रद्धा के साथ किया विश्वासघात

इतना ही नहीं अखिलेश का आरोप था कि भाजपा ने धर्म, संविधान, आस्था व श्रद्धा सभी के साथ विश्वासघात किया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भगवान श्रीराम सभी सनातनियों के आराध्य हैं और रहेंगे, लेकिन भाजपा उनके नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों को समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

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