आरयू वेब टीम। पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही टीएमसी नेताओं पर हो रहे हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला बुधवार को नादिया में हुआ, जहां टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर कई लोगों ने अंडे और पत्थक फेंके, जिसके कारण मोइत्रा को बचने के लिए घर के अंदर ही कैद होना पड़ा। बड़ी बात ये रही कि इस पूरी घटना के दौरान पुलिस भीड़ के साथ मौजूद रही, लेकिन उसने उन्हें अंडे और पत्थर फेंकने से नहीं रोका और न ही मोइत्रा का वहां से सुरक्षित निकाला।
जिसका वीडियो तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर शेयर किया। साथ ही आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में पार्टी विधायक अलीफा अहमद के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
मोइत्रा कालीगंज के पलाशी में अलीफा अहमद के घर पर तृणमूल कांग्रेस की बैठक में शामिल होने गई थीं, तभी बाहर प्रदर्शनकारियों का एक समूह जमा हो गया और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाने लगा। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अंडे और पत्थर भी फेंके और चोर-चोर के नारे लगाए।
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मोइत्रा ने वीडियो साझा करते हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि “राज्य में सरकार बदलने के बाद कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। अब भाजपा ने मुझ पर हमला करने की साजिश रची है। ये कोई आम लोग नहीं हैं। ये भाजपा कार्यकर्ता हैं।”
मोइत्रा से जुड़ी यह पहली ऐसी घटना नहीं है। इससे पहले 13 जून को भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कृष्णानगर जिला अदालत के बाहर जमा हो गई थीं, जहां तृणमूल सांसद को एक मामले के सिलसिले में पेश होना था। आरोप है कि उन्होंने सांसद पर अंडे फेंकने की भी कोशिश की। उस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मोइत्रा ने कहा था, “मैं उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करूंगी।
इतना ही नहीं मैं पुलिस थाने जाऊंगी। अगर पुलिस हमारे साथ नहीं है, तो मैं उच्च न्यायालय जाऊंगी। जरूरत पड़ने पर मैं उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगी।” हालांकि इसके बाद भी बंगाल में विपक्षी दल के नेताओं पर हमलों की सिलसिला जारी है।




















