लखनऊ में जौहर यूनिवर्सिटी व ‘CJP’ के समर्थन में सड़क पर उतरे छात्र, प्रदर्शन में पुलिस से धक्‍का-मुक्‍की

लखनऊ में प्रदर्शन
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जबरन बस में भरकर ले जाती पुलिस। (फोटो-आरयू)

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। नीट यूजी के पेपर लीक के साथ ही छात्र-छात्राओं की कई मांगों के निस्तारण को लेकर सोमवार को समाजवादी छात्र सभा और एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी, सोनम वांगचुक और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में लखनऊ की सड़कों पर उतरे।

छात्रों ने परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन छात्रों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। जिससे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने बसों में ठूंसकर उन्‍हें इको गार्डन भेज दिया।

प्रदर्शन के दौरान आज छात्राओं ने जीपीओ पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया तो तो कुछ ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के सामने मार्च निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। छात्रों ने हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर शिक्षा को सभी के लिए सुलभ, समान और गुणवत्तापूर्ण बनाने का संकल्प दोहराया। इस दौरान सभी शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे। इनसे ज्ञापन लेकर जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया।

दरअसल शिक्षा बचाओ-कलम, किताब और कैंपस बचाओ अभियान के तहत सोमवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी के गेट-एक से शहीद स्मारक तक छात्रों ने पैदल मार्च निकाला। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और युवाओं प्रतिभाग कर फीस वृद्धि, पेपर लीक, छात्र हितों की उपेक्षा, निष्कासित छात्रों को न्याय, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। इस बीच मार्च निकाल रहे छात्रों को पुलिस ने परिवर्तन चौक पर रोक दिया। वहां पुलिस ने उनकी कहासुनी भी हुई, जिसके बाद सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन ले जाया गया।

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इस दौरान छात्र नेता महेंद्र यादव ने कहा कि यदि शिक्षा महंगी, असमान और छात्रों की पहुंच से बाहर होती जाएगी तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हितों से जुड़े सभी लंबित मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर ठोस समाधान निकालने की मांग की। मार्च में प्रमुख रूप से छात्रनेता अनिल यादव सुधांशु बाजपेई, कांची सिंह, सविता गौतम, शुभम खरवार आदि मौजूद रहे।

आइसा ने भी किया प्रदर्शन

दूसरी ओर आइसा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर परिवर्तन चौक से प्रतिवाद मार्च निकाला और एनटीए को भी भंग करने की मांग की। लखनऊ के जीपाओ पार्क में धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने धरना के दौरान प्रदर्शन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सोनम वांगचुक को अनशन से उठाने का विरोध करने के साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में जमकर नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि देश में लगातार पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सरकार से जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

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