आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विपक्ष ने अलग अंदाज में प्रदर्शन कर योगी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। इस बीच विधायकों ने एक ओर राम मंदिर चढ़ावे चोरी से जुड़े मामले व अन्य मुद्दे पर योगी सरकार से जवाब मांगा तो दूसरी ओर किसानों को खाद उपलब्ध कराने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
जहां सपा विधायक अतुल प्रधान विधानसभा परिसर में दूध और पानी के डिब्बे लेकर पहुंचे, जबकि विधायक सचिन यादव अपने साथ डीएपी और यूरिया के बोरे लेकर आए। दोनों नेताओं ने प्रतीकात्मक तरीके से सरकार पर सवाल उठाए। इस दौरान अतुल प्रधान ने दूध और पानी के डिब्बे दिखाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस पुराने बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने “दूध का दूध और पानी का पानी” करने की बात कही थी।
अतुल प्रधान ने कहा कि सरकार को अब ये बताना चाहिए कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई हुई और जनता के सामने उसकी स्थिति क्या है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था, उन पर अब तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। साथ ही विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने भाजपा सरकार में हुई रामधन की लूट, पेपर लीक, किसानों की समस्या, विफल कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा जैसे तमाम जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
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दूसरी ओर विधायक सचिन यादव ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा। वह डीएपी और यूरिया के बोरे लेकर विधानसभा पहुंचे और आरोप लगाया कि प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। आगे कहा कि खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। सरकार को इस दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा सपा ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुपूरक बजट का मुद्दा भी उठाया। साथ ही कहा कि सरकार को नया बजट पेश करने से पहले यह बताना चाहिए कि पहले आवंटित बजट का कितना हिस्सा खर्च किया गया और किन योजनाओं पर उसका उपयोग हुआ। केवल नई घोषणाएं करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को अपने पुराने वादों और खर्च का पूरा ब्यौरा भी सार्वजनिक करना चाहिए।




















