आरयू ब्यूरो, लखनऊ। हजारों करोड़ की संपत्तियों की नीलामी कराने और विभिन्न पार्कों समेत 50 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट के प्राईवेटाइजेशन का कीर्तिमान रचने वाले लखनऊ विकास प्राधिकरण को इस क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब नौ सालों से गोमतीनगर में बंद पड़े पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (JPNIC) को भी अब प्राधिकरण प्राइवेट कंपनी को सौंपने में सफल हो गया है। आज योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में भी एलडीए के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
विपिन खंड की बेहद प्राइम लोकेशन पर करीब आठ लाख 12 हजार वर्ग फिट में बना जेपीएनआइसी चार ब्लॉक में है। करीब ढाई हजार करोड़ की कीमत (जमीन समेत) वाले जेपीएनआइसी को बनाने में एलडीए ने पूर्व की सपा सरकार के दौरान आठ सौ करोड़ रूपये से अधिक खर्च किए थे। अब एलडीए इसे मात्र छह करोड़ की सालाना लीज पर वृंदावन बॉटलर्स एंड रॉकवुड होटल्स नामक कंपनी को सौंपेगा। हालांकि लीज दर में हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसी क्रम में 35 साल तक लीज चलेगी। इसके अलावा जेपीएनआइसी को चालू हालत में लाने के लिए भी कंपनी को करीब सौ करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते है।
खत्म हुआ नौ साल का इंतजार
करीब नौ साल के इंतजार के बाद जेपीएनआइसी के शुरू कराने की दिशा में प्राधिकरण के निर्णायक कदम बढ़ाने में गोरखपुर विकास प्राधिकरण के लिए एलडीए में करीब 15 महीने से अंडर ट्रांसफर चल रहे इलेट्रिक्ल के ईई मनोज सागर, एई अतुल मिश्रा व जेई रामभूल खलौरिया के अलावा सपा सरकार में जेपीएनआइसी प्रोजेक्ट से जुड़े रहे जेई चंद्रमौली पांडेय ने भूमिका निभाई है। चंद्रमौली के कुछ साल पहले गैरजनपद से रिटायर होने के बाद भी एलडीए ने उन्हें करीब एक साल प्राधिकरण से मिलने वाली पेंशन के अलावा सैलरी भी देने की शर्त पर प्रोजेक्ट से जोड़ था।
जेपीएनआइसी मुख्य रूप से चार ब्लॉक में बंटा है। इसके होटल ब्लॉक में 107 कमरें, सात सुइट, दस डॉर्मिटरी, स्पा, जिम, सैलून, हेलीपैड, ओपन एयर रेस्टोरेंट व स्वीमिंग पूल जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं।
वहीं कन्वेंशन ब्लॉक में दो हजार सीट का कन्वेंशन हाल, एक हजार सीट वाला ऑडिटोरियम व सौ सीटों का सेमिनार हाल भी है। स्पोर्ट्स ब्लॉक में ओलंपित साइज ऑल वेदर स्विमिंग पूल, डाइविंग पूल, बैडमिंटन, टेनिस और मल्टीपर्पज कोर्ट आदि है। वहीं म्यूजियम ब्लॉक में भारत रत्न जय प्रकाश नारायण के जीवन और उनके संघर्षों से जुड़ा आधुनिक म्यूजियम भी है। हालांकि जेपीएनआइसी के नौ साल से भ्रष्टाचार के आरोपों में उलझकर बंद रहने के कारण इन चारों ही ब्लॉक की हालत ठीक नहीं है।
शुरू होने में लगेंगे दो साल
जानकारों के अनुसार जेपीएनआईसी में वर्तमान में इंटीरियर, इलेक्ट्रिकल एवं फायर उपकरण सहित विभिन्न अधूरों कामों को पूरा कराने में करने में करीब सौ करोड़ खर्च होंगे हालांकि छह करोड़ की लीज पर देने वाले एलडीए के इंजीनियर इस खर्च को 200 से 250 करोड़ तक का बता रहें।
यह भी पढ़ें- एलडीए ने जड़ा ताला तो JPNIC का गेट फांद अंदर पहुंचे अखिलेश, जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
प्राइवेट कंपनी और प्राधिकरण के बीच हुए अनुबंध के अनुसार चयनित कंसोर्टियम को अपने खर्च से दो साल के अंदर सभी काम पूरा कराकर जेपीएनआईसी का संचालन शुरू करना होगा। साथ ही 25 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी प्राधिकरण में जमा करनी होगी। वहीं, स्वीकृति पत्र मिलने पर कंपनी प्राधिकरण को 10 करोड़ 11 लाख रुपये का भुगतान करेगी।
जेपीएनआईसी का संचालन शुरू होने के बाद कंसोर्टियम एलडीए को प्रति वर्ष 06 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इसमें प्रत्येक वर्ष 05 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी और निर्धारित लीज अवधि पूरी होने तक यह सालाना धनराशि करीब 35 करोड़ रूपये हो जाएगी।
यह भी पढ़ें- अखिलेश का भाजपा से सवाल, जयप्रकाश नारायण की विरासत मिटाकर बिहार में कैसे मांगेंगे वोट, एलडीए को JPNIC सौंपने पर भी जताया विरोध
एलडीए शासन को देगा 821 करोड़
वहीं एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मीडिया से कहा है कि जेपीएनआइसी के निर्माण में लगभग 821 करोड़ रुपये की लागत आयी है, जिसे एलडीए अगले 30 वर्षों में शासन को वापस करेगा। वीसी ने 35 साल जैसे लंबे अर्से पर अपना तर्क देते हुए कहा कि दीर्घकालिक लीज व्यवस्था से जेपीएनआईसी के रखरखाव, अवशेष कार्यों को पूर्ण कराने और इसके प्रभावी संचालन के साथ-साथ प्राधिकरण पर वित्तीय भार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
होटल, कन्वेंशन सेंटर और स्पोर्ट्स सुविधाओं का होगा संचालन
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जेपीएनआईसी में निर्मित होटल, कन्वेंशन सेंटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग एवं स्पोर्ट्स फैसिलिटी का संचालन चयनित कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा। वहीं, म्यूजियम ब्लॉक के संचालन का अधिकार लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि जेपीएनआईसी को एक आधुनिक बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण कदम है।
यह भी पढ़ें- #JPNIC: करोड़ों खर्च, फिर भी LDA की कारस्तानी से भारत रत्न JP का म्यूजियम बना तंदूर, अब दस लोग भी नहीं आते, तस्वीरों में देखें बदहाली
मेंबरशिप दर तय करेगी समिति
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि चयनित कंसोर्टियम द्वारा जेपीएनआईसी में स्पोर्ट्स फैसिलिटी मेंबरशिप एवं क्लब मेंबरशिप का प्रावधान किया जाएगा। जिसके लिए लोगों को शुल्क देना होगा। हालांकि, मेंबरशिप के लिए प्रभावी दरों का निर्धारण कंसोर्टियम द्वारा नहीं, बल्कि कमेटी द्वारा किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- …जब योगी के मंत्री भ्रष्टाचार परखने के लिए JPNIC में सीढि़यों से चढ़ गए 18 मंजिल
एलडीए का दावा टेंडर में नहीं हुई गड़बड़ी
करीब ढाई हजार करोड़ की संपत्ति को मात्र छह करोड़ की सालान लीज पर देने और टेंडर में सिर्फ तीन ही कंपनियों के भाग लेने को लेकर जहां सवाल उठने लगे हैं। वहीं एलडीए की ओर से कहा गया है कि जेपीएनआईसी के संचालन के लिए एलडीए बीते मार्च में ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किया गया था। इसमें तीन बड़ी कंपनियों ने प्रतिभाग किया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त निविदाओं के परीक्षण के बाद ओपन बिड के माध्यम से वृंदावन बॉटलर्स एंड रॉकवुड होटल्स के कंसोर्टियम का चयन किया गया है। रॉकवुड होटल्स द्वारा दुबई एवं न्यूयॉर्क समेत 30 बड़े देशों में होटल श्रृंखलाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही। वहीं, वृंदावन बॉटलर्स प्रदेश की सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी है, जिसका सालाना टर्न ओवर लगभग 400 करोड़ रूपये है।




















