आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने महाराष्ट्र एसआइआर, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ की तैनाती और नेपाल बाढ़ पर प्रतिक्रियाएं दी। राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा सीईओ की तैनाती किए जाने पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि “सीईओ की तैनाती का कोई मतलब नहीं है। इस पद पर चाहे आइएएस हो या आइपीएस, उसे सरकार के दबाव में काम करना पड़ेगा। सरकार भले ही आरोपितों को बचा ले, लेकिन वे बचेंगे नहीं।
वहीं सपा सांसद ने कहा कि अखिलेश यादव ने चंदा चोरी का खुलासा किया था। इस खुलासे को दो महीने से अधिक हो गए हैं, लेकिन कारगर और सार्थक काम नहीं हुआ है। हालांकि बड़ी मछलियों को बचाने का काम किया गया है। ये चोरी और डकैती प्रभु श्रीराम दरबार की है। सरकार भले ही आरोपितों को बचा ले, लेकिन वे बचेंगे नहीं। जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब किसी शक्ति का उदय होता है। महाशक्ति ही पापियों का नाश करती है। यहां तो प्रभु राम स्वयं विद्यमान हैं, इनका नाश होना है। शुरुआत 2024 लोकसभा चुनाव से हो चुकी है। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में इनका सफाया हो जाएगा।”
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इस दौरान भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए सपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में एसआइआर में दो करोड़ से ज्यादा नाम कटने को लेकर कहा कि “ये कोई नई बात नहीं है। भाजपा सरकार ने लगातार दलितों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और देश भर के लोगों को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए वोटिंग अधिकार छीनने की कोशिश की है।
उन्होंने बिहार और बंगाल में ऐसा किया है, ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट गई थीं और इस मामले में कई मुद्दे उठाए थे। ये उनके लिए कोई नई बात नहीं है। लोगों का भाजपा से भरोसा और विश्वास उठ गया है। अब भाजपा के पास वोटरों को गुमराह करने और धोखा देने की कोशिश करने के अलावा कुछ नहीं बचा है।”




















