आरयू ब्यूरो, लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा मामले में जिला प्रशासन ने 13 लोगों के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी किया है। बुधवार को तहसील की टीम ने राजधानी लखनऊ के 13 लोगों के घरों पर ये नोटिस चिपका दिए।
तहसीलदार लखनऊ के नेतृत्व में ये कार्रवाई की गई। आज जिला प्रशासन अधिकारी प्रदर्शन में शामिल लोगों के घर पहुंचे और नोटिस दिया। इन्हें भुगतान करने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद राज्य संहिता के प्रावधानों के तहत इनसे वसूली की जाएगी। 19 दिसंबर 2019 को सीएए प्रदर्शन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए ये नोटिस जारी किए गए है। ये वहीं 13 लोग हैं, जिनके नाम यूपी सरकार द्वारा लखनऊ में लगाए गए पोस्टर में भी हैं। डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राज्य सरकार का रुख सख्त था है और रहेगा। राज्य सरकार इस तरह की कार्रवाई करके नजीर पेश करना चाह रही है।
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मालूम हो कि, राजनीतिक जुलूसों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को लेकर योगी सरकार बेहद सख्त हो गई है। ऐसे आरोपितों से वसूली करने के लिए लाए गए यूपी रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के बाद अध्यादेश अधिसूचित कर दिया गया है।



















