आरयू वेब टीम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड के देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून गलियारे का उद्घाटन किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हमारी सड़कें, हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, एयरवेज, रेलवे, वाटरवेज होते हैं। बीते एक दशक से हमारा देश विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये विकास की भाग्य रेखाएं केवल आज की सुविधाएं नहीं हैं बल्कि अगली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी हैं। ये मोदी की भी गारंटी है। बीते दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की इन विकास रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है।
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पीएम ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। यह प्रोजेक्ट भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा। साथ ही इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर को भी बहुत फायदा होगा।
नई ऊर्जा-प्रेरणा लेकर जाऊंगा
मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत गढ़वाली और कुमाउंनी में लोगों से माफी मांगते हुए किया। उन्होंने कहा- मैं सबसे क्षमा मांगता हूं कि मुझे यहां पहुंचने में देर हुई। मैं निकला तो समय पर था लेकिन 12 किमी का रोड शो, इतना उत्साह, इतना उमंग कि मेरे लिए तेज गति से आना मुश्किल हो गया। सबका आशीर्वाद लेते हुए मुझे एक घंटे से अधिक का समय लग गया। मैं आज उत्तराखंड से एक नई ऊर्जा, नई प्रेरणा लेकर जाऊंगा।
टूरिज्म विंटर स्पोर्ट्स के लिए डेस्टिरनेशन
पीएम ने कहा, हम जानते हैं जब टूरिज्म का विकास होता है तो हर कोई कुछ न कुछ कमाता है। सबको फायदा होता है। मुझे खुशी है उत्तराखंड विंटर टूरिज्म विंटर स्पोर्ट्स के लिए डेस्टिरनेशन बनता जा रहा है। उत्तराखंड की प्रगति के लिए बारहमासी कनेक्टिविटी जरूरी है। 2023 के बाद बहुत बड़ी संख्या में सर्दियो में लोग यात्रा के लिए जाते थे। 2025 में करीब 40 हजार लोगों ने यहां यात्रा की। शीतकालीन चारधाम यात्रा में करीब 80 हजार लोग आए थे 2025 में यह आंकड़ा डेढ़ लाख पार कर गया है।
माओवाद-नक्सलवाद हुआ खत्म
साथ ही नरेंद्र मोदी ने कहा कि साथियों माओवाद नक्सलवाद खत्म हुआ आज डॉ. अंबेडकर की जयंती है। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो फैसले लिए वे संविधान की गरिमा को पुनस्थापित करने वाले थे। जिन जिलों में माओवाद और नक्सलवाद खत्म हुआ है वहां भी संविधान का महत्व बढ़ा है।




















