यूपी: किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस, सपा व बसपा ने विधानसभा से किया वाकआउट

बहिर्गमन
मीडिया के सामने अपनी बात रखते कांग्रेस के सदस्य।

आरयू ब्‍यूरो, 

लखनऊ। यूपी विधानसभा में गुरुवार को किसानों के मुद्दे पर सपा, बसपा व कांग्रेस ने योगी सरकार को जमकर घेरा। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार पर यूपी के दो करोड़ 15 लाख किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को ब्याज मुक्‍त फसली ऋण देने की बात भाजपा ने अपने लोक संकल्प पत्र में कहा था, अभी तक इस प्रकार की कोई योजना नहीं बनी है। साथ ही भाजपा ने ‘पर ड्राप मोर क्राप’ योजना और स्प्रिंकलर सिंचाई योजना का जोर-शोर से प्रचार किया, किंतु वास्तव में अभी तक मात्र 18449 किसानों को ही इस योजना का लाभ मिला। उच्चतकनीकी से किसानों को लाभ देने में भी भाजपा सरकार फिसड्डी साबित हुई है। वहीं उन्‍होंने गन्‍ना और आलू किसानों का भी मुद्दा उठाया।

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वहीं प्रश्‍नकाल में बसपा के रितेश पाण्डेय ने उर्वरक की उपलब्धता और इसकी कीमत में बढ़ोतरी का सवाल उठाया। इस पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहले की सरकारों में उर्वरक के लिए किसानों को लाइन लगानी पड़ती थी और उसके लिए ज्यादा दाम देने पड़ते थे। अब उवर्रक की कहीं कमी नहीं है। यह किसानों को आसानी से उपलब्ध है।

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जबकि बसपा दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि उर्वरकों की कीमत काफी बढी है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या वह किसानों को राहत देने के लिए उर्वरक के दाम कम कराएगी। बाद में सरकार के जवाब से असंतुष्ट बसपा ने सदन से वाकआउट किया।

वहीं समाजवादी पार्टी के नरेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के मुददे पर गंभीर नहीं है। इसी के साथ ही सपा के सदस्यों ने भी वाकआउट किया। इसके बाद कांग्रेस सदस्य भी सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट कर गये।

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आज विधानसभा में प्रधानमंत्री कें संसदीय क्षेत्र वाराणसी के काशी विश्‍वनाथ मंदिर के आसपास के मंदिरों से शिवलिंगों व नंदी की मूर्तियों के फेंके जाने की बात कहते हुए कांग्रेस ने सदन में हंगामा किया। सुबह सदन के बैठते ही कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने नियम 311 के तहत इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की।

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 125 करोड़ सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। वह इस मुद्दे पर चर्चा चाहते थे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि पहले प्रश्‍नकाल हो जाने की बात कहते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस के विधायकगण नरेश सैनी, मसूद अख्तर, आराधना मिश्रा ‘मोना’, अजय कुमार लल्लू, राकेश सिंह, अदिति सिंह और सोहिल अख्तर अंसारी ने सदन का बहिर्गमन किया।