सपा प्रवक्ता का बयान अभद्र बता मायावती ने कहा, “ब्राह्मण के सम्मान को पहुंची ठेस, क्षमा याचना करें अखिलेश”

मायावती
फाइल फोटो।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के एक प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। प्रवक्‍ता के माफी मांगने के बाद अब ब्राह्मण पर टिप्‍पणी से आक्रोशित हुई यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर हमला बोला है। बसपा मुखिया ने कहा कि इस मामले में सपा नेतृत्व की खामोशी स्थिति को और गंभीर बना रही तथा समाज में तनाव का वातावरण पैदा हो रहा है। मायावती ने कहा कि प्रवक्ता के अभद्र बयान से ब्राह्मण समाज के सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। अखिलेश यादव को सीधे तौर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये।

शुक्रवार को मायावती ने ‘एक्स’ पर एक लंबा पोस्टकर कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाज़ी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुक़दमा दर्ज किये जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा…

आगे अखिलेश पर निशाना सााधते हुए मायावती ने कहा कि संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर ख़ामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है। वैसे भी सपा प्रवक्ता के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है तो उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा।

हमला जारी रखते हुए मायावती ने कहा कि इस ताजा प्रकरण से लोगों की नजर में यह भी साबित है कि सपा का खासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है, बल्कि और अधिक गहरा ही हुआ है।

बसपा सुप्रीमो ने इस मामले में आज यह भी दावा किया कि ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो ज़बरदस्त नाराज़गी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है।

वहीं अपनी पूर्व की सरकार की तारीफ करते हुए मायावती ने कहा कि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है अर्थात् बी.एस.पी. में यूज़ एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।

यह भी पढ़ें- सिलेंडर का रेट बढ़ने पर मायावती की सरकार को सलाह, चुनाव की तरह करें पेट्रोल-डीजल व गैस के दाम नियंत्रित

बता दें कि कुछ दिन पहले सपा प्रवक्‍ता राजकुमार भाटी का एक शॉर्ट वीडियो सामने आया था। जिसमें उन्होंने मुहावरा सुनाया था। कहा- ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय…। उनके बयान पर वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन और ब्राह्मण समाज ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद राजकुमार ने वीडियो गलत तरीके से न काटकर न सिर्फ विरोधी नेताओं पर आरोप लगाया था, बल्कि उन्होंने वीडियो जारी कर मांफी भी मांग ली थी।

यह भी पढ़ें- मायावती ने कहा, महिला आरक्षण पर BSP का स्टैंड साफ, विधानसभा चुनाव पर फोकस करें कार्यकर्ता