पैलेट गन से घायल साहिल के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी, घंटों के धरने के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पैलेट गन से घायल
पीड़ित के साथ धरने पर बैठे राहुल गांधी।

आरयू वेब टीम। राजधानी दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पैलेट गन के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। शुक्रवार को पैलेट गन से घायल साहिल के साथ राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और एफआइआर दर्ज करने की मांग के साथ धरने पर बैठे। जिसके बाद बहाने बनाने वाली पुलिस बैकफुट पर आ गयी और मुकदमा दर्ज किया।

दरअसल थाने पहुंचे कांग्रेस नेता ने कहा कि पैलेट गन की चपेट में आये साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे लगे। उनकी आंख में तीन छर्रे हैं। साहिल की आंख की रोशनी खतरे में है। 13 अगस्त से हम चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन शिकायत नहीं दर्ज हो रही है। राहुल गांधी ने कहा, ’20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।

अपराधा तो हुआ ही है, तो…

एम्स की रिपोर्ट साफ कहती है कि उनके शरीर के अंदर 200 से ज्यादा छर्रे हैं और तीन छर्रे उनकी आंख में हैं। उनकी उस आंख की रोशनी चली गई है। उनके दिल के पास भी छर्रे हैं जिन्हें छुआ नहीं जा सकता। जबकि दिल्ली पुलिस ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि उसने पैलेट गन नहीं चलाई। राहुल ने कहा कि बस एक ही सवाल है कि किसी ने तो ऐसा किया ही होगा… अपराध तो हुआ ही है… हम मांग कर रहे हैं कि एफआइआर दर्ज की जाए। करीब आठ घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब के आरोपों के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली। इसके बाद राहुल गांधी धरने से उठे।

दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन चलाने वालों के खिलाफ बीएनएस की धारा 118 और 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़ी है, जबकि धारा 125 दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से संबंधित है। इस पर राहुल ने कहा कि ये न्याय का पहला कदम है।

बता दें कि राहुल गांधी आज साहिल के साथ एफआइआर दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचे और कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफी मांगी।

यह भी पढ़ें- छात्र प्रदर्शन का समर्थन कर राहुल ने कहा, देशभर में सड़कों पर उतरे युवाओं का गुस्सा पूरी तरह जायज

राहुल ने कहा कि अब जब साहिल न्याय के लिए एफआइआर दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। अमित शाह न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं। ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं। एफआइआर होगी। न्यायिक जांच होगी और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी। साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को हम न्याय दिलाकर रहेंगे।

यह भी पढ़ें- राहुल ने कहा, छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार, अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, मोदी भी मांगें माफी