यूपी के संभावित हालात पर बोले CM योगी, कोरोना की तरह इस संकट का भी करना होगा मुकाबला, जनता से की अपील

सीएम योगी
कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम योगी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, उसी तरह पश्चिम एशिया में बने हालात के बीच भी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। यह वैश्विक संकट ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरक आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में हर नागरिक को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाने चाहिए ताकि देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती मिल सके।

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पेट्रोल-डीज, गैस व अन्‍य सामानों की कमी के चलते होने वाले यूपी के संभावित हालात को देखते हुए ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित ‘9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी’ कॉन्क्लेव को संबोधित कर कही। साथ ही योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि देशहित में ईंधन की बचत बेहद जरूरी है। योगी ने आज जनता से मेट्रो, शटल बस और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने का आग्रह किया।

15 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित

साथ ही सीएम ने कहा कि यूपी के 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में 15 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं। इनके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित किया जा सकता है, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सबसे ऊपर होना चाहिए। हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे।

मिलनी चाहिए गौरवशाली इतिहास की सही जानकारी

इस दौरान विपक्ष को निशाने पर लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील पर अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपील को गंभीरता से पढ़ना और समझना जरूरी है। देश सुरक्षित रहेगा तो सभी सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हर नागरिक भी समृद्धि की ओर आगे बढ़ेगा।

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साथ ही कहा कि युवाओं को उत्तर प्रदेश और भारत के गौरवशाली इतिहास की सही जानकारी मिलनी चाहिए। 500 से 1500 वर्ष पहले तक भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी। उस समय भारत के पास बेहतरीन कृषि व्यवस्था, जल संसाधन, मैन्युफैक्चरिंग और हस्तशिल्प का मजबूत तंत्र था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का बड़ा नेटवर्क मौजूद था और भारतीय व्यापारी विश्व बाजार तक अपनी पहुंच रखते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार खेती, पर्यटन और उद्योगों की मजबूती के कारण भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना।

युवाओं के सामने था पहचान का संकट

इस मौके पर पूर्व की सपा सरकार पर तंज कसते हुए योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी। युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे और किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान दंगे होते थे, प्रदेश में माफिया राज और भ्रष्टाचार चरम पर था। बिजली, सड़क, सिंचाई और बाजार की बेहतर व्यवस्था नहीं थी और पारंपरिक उद्योग बंद हो रहे थे। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को मौका दिया। सरकार बनने के बाद हर विभाग की समीक्षा कर योजनाएं तैयार की गईं।

एक्सप्रेसवे,-एयरपोर्ट से बदली यूपी की तस्वीर

वहीं अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र कर योगी ने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट तैयार हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि नोएडा के जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनकर तैयार है और 15 जून से उड़ानें शुरू होंगी। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल और राष्ट्रीय जलमार्ग भी प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहे हैं।

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