आरयू ब्यूरो, लखनऊ। राजधानी लखनऊ ईको गार्डन में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी को लेकर कर केंद्र और चुनाव व्यवस्था पर निशाना साधा। साथ ही चंद्रशेखरने ‘बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ, ईवीएम हटाओ’ का नारा देते हुए चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान की मांग उठाई। अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जनता को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
कार्यक्रम के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष से ही बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां लोगों का पसीना पड़ेगा, वहां क्रांति के बीज पैदा होंगे। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की। चंद्रशेखर आजाद ने ईवीएम के मुद्दे को लेकर लंबे समय से चल रही राजनीतिक बहस का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट पूरी तरह सुरक्षित है और उसके वोट का परिणाम सही तरीके से सामने आएगा।
साथ ही नगीना सांसद ने देशव्यापी जाति आधारित जनगणना, मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने और पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी दोहराई। अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई अभी अधूरी है और पिछड़े, दलित एवं वंचित समाज को उनका पूरा संवैधानिक अधिकार मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघर्ष तेज करने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां-जहां आंदोलन की आवाज पहुंचेगी, वहीं बदलाव की नई शुरुआत होगी।
इस दौरान चंद्रशेखर ने बहुजन आंदोलन के दो बड़े नेताओं कांशीराम और रामविलास पासवान को याद करते हुए कहा कि आज सामाजिक न्याय की जो लड़ाई दिखाई देती है, उसकी मजबूत नींव इन्हीं नेताओं ने रखी थी। साथ ही कहा कि उनकी पार्टी उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। वहीं विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग इस आंदोलन को चुनावी नजरिए से देख रहे हैं, जबकि यह सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है।
इसके अलावा चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और उनके कार्यकर्ता हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने “ओबीसी समाज की जाति आधारित जनगणना करो, वरना कुर्सी खाली करो” और “बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारों से माहौल गर्माए रखा।




















