आरयू वेब टीम। नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में त्रासदी बीच चीन के सिचुआन प्रांत और भारत के मणिपुर में शुक्रवार को जोरदार भूकंप आया है। जिसने लोगों को और भी दहशत में डाल दिया है। चीन में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 थी तो वहीं मणिपुर में 3.6. फिलहाल, किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के अनुसार, शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लॉन्गचांग शहर में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भोटेकोशी त्रासदी के बीच पहले नेपाल और चीन में लगातार धरती कांप रही है। इससे पहले गुरुवार रात को नेपाल और तिब्बत में भूकंप आया था। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं, नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भारत के मणिपुर राज्य में भी भूकंप आया। मणिपुर में शुक्रवार 10 बजकर 49 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। जोकि मणिपुर के चंदेल जिले में आया। जबकि आज असम में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। लगातार अलग-अलग इलाकों में भूकंप आने से लोगों में चिंता बढ़ रखी है।
इससे पहले रात के समय नेपाल और तिब्बत में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। नेपाल में 3.2 और तिब्बत में 4.9 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड हुआ। नेपाल-तिब्बत में भूकंप और बाढ़ के बीच कनेक्शन? वहीं चीन में आया यह भूकंप इसलिए भी अहम है, क्योंकि नेपाल और तिब्बत में तबाही की वजहों में भूकंप को भी माना जा रहा है, हालांकि अभी तक गुत्थी सुलझ नहीं सकी है।
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गौरतलब है कि तिब्बत और नेपाल क्षेत्र में बुधवार को बेहद विनाशकारी फ्लैश फ्लड आई थी। शुरुआती तौर पर इस बाढ़ के पीछे भूकंप की भूमिका होने की आशंका जताई गई थी। बाद में सैटेलाइट तस्वीरों और वैज्ञानिक विश्लेषण से संकेत मिला कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर और पहाड़ी चट्टान के बड़े हिस्से के टूटने से बर्फ, पत्थर और मलबे का भारी बहाव पैदा हुआ था। इसमें 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।




















