शहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, लखनऊ समेत दस जिलों में ताबड़तोड़ दबिश

शहजाद भट्टी
शहजाद भट्टी। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ एटीएस ने कार्रवाई तेज कर दी है। लखनऊ समेत दस जिलों में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ के आधार पर 150 से अधिक संदिग्ध एटीएस के रडार पर हैं। एजेंसी इनके संपर्क, गतिविधियों और नेटवर्क से संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

दरअसल एटीएस ने लखनऊ के अलावा प्रदेश के कई जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर कार्रवाई की है। इनमें सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत दस जिले शामिल हैं। अलग-अलग स्थानों पर संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। एजेंसी का फोकस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका की पड़ताल पर है।

एटीएस की ये जांच का दायरा अब 150 से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है। एजेंसी को यह जानकारी पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ के दौरान मिली थी। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों में से किनका नेटवर्क से वास्तविक संपर्क रहा है और उनकी भूमिका क्या रही है। अब तक 60 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

एटीएस संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, डिजिटल संपर्क और बैंकिंग लेनदेन की भी जांच कर रही है। इसका मकसद संदिग्धों के बीच संपर्क और नेटवर्क से संभावित कनेक्शन को समझना है। एजेंसी पहले से सामने आए डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।

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अब तक की जांच में 150 से ज्यादा लोगों की जानकारी सामने आने के साथ ही गिरफ्तार आरोपितों के सोशल मीडिया संपर्कों की भी पड़ताल की गई है। एटीएस यह अलग करने की कोशिश कर रही है कि कौन लोग सिर्फ संपर्क में थे और किनकी भूमिका नेटवर्क में इससे आगे की रही। इसी आधार पर संदिग्धों के घरों और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सितंबर में शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया था। गृह मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क पर हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकी गतिविधियों की ओर धकेलने जैसे आरोप हैं। इससे पहले अगस्त में सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था। उस कार्रवाई में 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने और नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआइआर तथा 200 से ज्यादा गिरफ्तारियों की जानकारी केंद्र सरकार ने दी थी।

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