आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में दिन के समय अंधेरा छा गया। राजधानी लखनऊ-वाराणसी समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरे। जिससे गर्मी की मार झेल रहे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली। हालांकि आचानक आई तेज आंधी ने ट्रेन यात्रा को प्रभावित किया।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों और बुंदेलखंड के कई जिलों में मौसम का यह बदलाव देखने को मिला। लखनऊ में सुबह से तेज धूप और उमस के बीच दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए, जबकि वाराणसी में तेज आधी के साथ ओले भी गिरे। इसके अलावा कई स्थानों पर धूलभरी हवाएं चलीं और फिर बारिश हुई। मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सड़कों पर निकले लोगों ने राहत महसूस की।
वहीं उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के कई सेक्शन पर बुधवार को दोपहर में आयी आंधी और पानी के कारण पेड़ ओएचई पर गिर गए। हावड़ा से लखनऊ आ रही दून एक्सप्रेस को अयोध्या धाम से अयोध्या कैंट स्टेशन के बीच एक घंटा रोका गया। इसी तरह लखनऊ आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस को मगहर में रोका गया। भारी बारिश और आंधी के कारण कई जगह रेलवे लाइन पर भी पेड़ गिरे हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। साथ ही अमेठी में रेलवे लाइन पर पेड़ की डाल गिरने के कारण बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन घंटों खड़ी रही। आंधी के कारण पेड़ विद्युत पोल पर गिरे और लाइन ठीक होने के बाद ट्रेन रवाना हुई।
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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने मीडिया को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के संकेत हैं। इसके असर से अगले दस दिनों तक प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 58 जिलों में गरज-चमक, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जबकि 32 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।



















