आरयू ब्यूरो, लखनऊ। रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण से संबंधित आदेश के बाद योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इस बीच यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जौहर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और अभिभावको से उनके साथ होने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और अभिभावकों की मुहिम में हम सब पूरी तरह से साथ हैं, ताकि बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे।
अखिलेश यादव ने जारी अपने एक बयान में कहा है कि इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फैसले के खिलाफ, हमारे साथ हमारा छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े- से-बड़ा नेता और वो सब हजारों बच्चे व मेहनतकश माता-पिता भी हैं, जिनके सपने पर बुलडोजर चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है। सपा मुखिया ने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम ‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने के लिए देशभर से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं।
वहीं भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए अखिलेश ने कहा कि यूनिवर्सिट में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुध्द हो गई है। भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है। अगर कहीं कुछ कागजी कमी है भी तो उसके कागज पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और स्टूडेंट्स के भविष्य को भी। यहां गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महंगी यूनिवर्सिटी या विदेशों में पढ़ा सकें।
इस दौरान सपा सुप्रीमो ने मोदी-योगी पर तंज कसते हुए जिनके न परिवार हैं न बच्चे, वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवार-परिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो जुल्म और नाइंसाफी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूंढती। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं, वो अन्याय के खिलाफ आवाज भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दक़ियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है, इसीलिए भाजपाई और उनके संगी-साथी, गांव-गांव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं।
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इतना ही नहीं हमला जारी रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी- रोजगार मांगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है। नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने ‘पीडीए पाठशाला’ खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है। सपा प्रमुख ने यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगी-साथियों की एक बेहद घिनौनी साजिश करार दिया। साथ ही कहा कि उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं, लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है। जो अति निंदनीय है।”




















