खड़गे का मोदी सरकार पर हमला, कहा SIR के खिलाफ प्रदर्शन ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’

मल्लिकार्जुन खड़गे
कार्यक्रम को संबोधित करते मल्लिकार्जुन खड़गे।

आरयू वेब टीम। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ करार देते हुए इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने, भविष्य के सभी चुनाव मतपत्रों के जरिये कराने और पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की रविवार को मांग की।

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बिहार के पहले मुख्यमंत्री एवं ‘श्री बाबू’ के नाम से जाने जाने वाले कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा देश में विभाजन को और गहरा कर रही है। खड़गे ने मतदाता सूची में हेरफेर करने और विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए, चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

हथियाई गई सरकारों को होगा हटाना

इस दौरान लोगों से सड़कों पर उतरने, अपने अधिकारों के लिए लड़ने और संविधान की रक्षा करने की अपील करते हुए कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि ‘‘पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में ‘वोट चोरी’ के जरिये हथियाई गई सरकारों को हटाना होगा।’’ खड़गे ने एसआइआर कवायद को तुरंत रोकने और पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि जनता निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की हकदार है।

…छीनना चाहती है हमारे वोट का अधिकार

वहीं भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए खड़गे ने कहा कि हमें वोटिंग का अधिकार बाबा साहेब अंबेडकर जी, जवाहरलाल नेहरू जी और श्रीबाबू जैसे महापुरुषों ने संविधान बनाकर दिया। आजादी के पहले किसी भी महिला, गरीब, किसान को वोटिंग का अधिकार नहीं था। मोदी सरकार हमारे वोट का अधिकार छीनना चाहती है, लेकिन कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी।

मोदी सरकार के दिल में खोट

इतना ही नहीं खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार के दिल में खोट है। पहले सीईसी की चयन कमेटी में सीजेआइ, प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष होते थे। लेकिन नरेंद्र मोदी ने सीजेआइ को कमेटी से हटाकर केंद्रीय मंत्री के तौर पर अमित शाह को शामिल कर लिया। अब सत्ता पक्ष के पास बहुमत होने के कारण वो अपने पसंद के व्यक्ति को सीईसी के लिए चुन सकते हैं। ये लोकतंत्र की लिए घातक है। हमें ऐसे बेईमान लोगों को सत्ता से बाहर निकालना है।

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