चंद्रशेखर आजाद पर जानलेवा हमला करने वाले चार आरोपित गिरफ्तार

भीम आर्मी चीफ

आरयू ब्यूरो, सहारनपुर। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर जानलेवा हमला करने के चार आरोपितों को पुलिस ने पड़ोसी प्रांत हरियाणा के अंबाला में उस समय धर दबोचा जब वे अदालत में आत्मसमर्पण करने की फिराक में थे। चारों युवकों को शनिवार दोपहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सहारनपुर स्थित पुलिस लाइन लाया गया जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस के आला अफसर इन युवकों से पूछताछ कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार जिन युवकों की गिरफ्तारी हुई है उनमें से तीन लविश, आकाश और पोपट देवबंद कोतवाली के गांव रणखंड़ी के निवासी हैं जबकि चौथा युवक हरियाणा के करनाल जिले के गांव गोन्दर का रहने वाला है। सहारनपुर के आला पुलिस अधिकारी हरियाणा से पकड़कर लाए गए इन चारों युवकों से गोपनीयता के साथ पूछताछ कर रही है। पुलिस लाइन में एडीजी मेरठ जोन राजीव सब्बरवाल, डीआइजी सहारनपुर रेंज अजय साहनी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर डा. विपिन टाडा द्वारा इन युवकों से पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर बुधवार शाम देवबंद में कार सवार युवकों ने उस समय गोलीबारी की थी जब वे अपनी फोरच्यूनर कार से कहीं जा रहे थे। इस हमले में एक गोली उनकी पीठ को छूती हुई निकल गइ थी। एसटीएफ के एडीजी और सहारनपुर में एसएसपी रह चुके अमिताभ यश को भी मामले के खुलासे की जिम्मेदारी दी थी। देवबंद पुलिस ने हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गयी सफेद रंग की स्वीफ्ट कार घटना के तीन घंटे के भीतर ही देवबंद के पास के गांव मिरगपुर से बरामद कर लिया था।

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पुलिस को वहीं से अहम सुराग हाथ लगे थे। जिस युवक के घर पर हमलावरों ने हरियाणा के नंबर प्लेट लगी कार खड़ी की थी वे उसके जानकारों में से थे। शुरू से ही पुलिस को इस मामले में जो सुराग मिले थे वो देवबंद के 25 हजार वाली आबादी के गांव रणखंड़ी के रहने वाले युवकों से संबंधित थे।

पुलिस ने इसी गांव के एक युवक को गाजियाबाद-नोएडा से गिरफ्तार किया था जिसकी आईडी हमले में इस्तेमाल की गई कार से बरामद हुई थी। जांच में यह भी पाया गया था कि हमले में हमले में इस्तेमाल स्वीफ्ट कार अंबाला की थी। जिसके मालिक द्वारा उस कार के चोरी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराने की जानकारी मिली थी। जानकारी के मुताबिक लविश पर आरोप था कि उसने उत्तराखंड की एक जेल के जेलर पर हमला किया था और वह एक पखवाड़ा पहले ही जमानत पर छूटा है।

 

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