तेज भूकंप से कांपा जापान, सुनामी की चेतावनी जारी

जापान में भूकंप
जापान में भूकंप से मची तबाही।

आरयू इंटरनेशनल डेस्क। उत्तरी जापान में सोमवार को आए तेज भूकंप धरती डोल गई। रिक्टर पैमाने पर इस शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई है। इतनी भयानक तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस होते ही तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। लोग घर, दफ्तर व अन्य इमारतों से बाहर भागे। इस बड़े झटके से इमारतों व सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान देश के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की कड़ी चेतावनी जारी कर दी गई है।

यह भूकंप आज दोपहर करीब 1:22 बजे महसूस किया गया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तर प्रशांत महासागर में था और इसकी गहराई लगभग दस किलोमीटर बताई जा रही है, जिससे इसका असर ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार इवाते और होक्काइडो प्रान्त के समुद्री तटों के आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत घर खाली करने और ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में समुद्र की लहरें तीन मीटर (करीब दस फीट) तक ऊंची उठ सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि जब तक सभी चेतावनियां वापस नहीं ले ली जातीं, तब तक वे पूरी तरह से सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

जापान में इतने शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस होते ही सरकार और आपातकालीन एजेंसियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी है। देशभर में खतरे के सायरन बजने लगे। हालांकि, जापानी नागरिकों की आपदा प्रबंधन को लेकर बेहतरीन ट्रेनिंग तुरंत काम आई। लोग बिना समय बर्बाद किए अपने जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारी और बचाव दल शुरुआती झटकों से हुए संभावित नुकसान का तेजी से आकलन कर रहे हैं ताकि राहत कार्य समय पर किया जा सके।

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जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी ने अपनी ताजा एडवाइजरी में कहा है कि सुनामी की कुछ लहरें पहले ही तट की ओर बढ़ चुकी हैं और ये लहरें बार-बार आ सकती हैं। फालोअप कार्रवाई के तहत स्थानीय प्रशासन हर पल की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लहरें अनुमानित समय से पहले या बाद में भी आ सकती हैं और उनकी ऊंचाई भी ज्यादा हो सकती है। नदियों के मुहानों को भी खाली करवा लिया गया है, क्योंकि वहां जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

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