आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार में पंचायती राज और जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आज एक बार फिर विपक्ष पर हमला बोला। राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कानून-व्यवस्था और पंचायत चुनाव के मुद्दे पर कई आरोप लगाए। साथ ही सुभासपा प्रमुख ने पंचायत चुनाव में हो रही देरी के लिए अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराया है।
दरअसल केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर रविवार को अकबरपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में
कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव कराने की तैयारी सरकार पूरी तरह कर चुकी थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने लीगल सहयोगियों की मदद से हाईकोर्ट में याचिका दायर करवा दी, जिसके कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई। साथ ही कहा कि सरकार केवल अदालत के फैसले का इंतजार कर रही है।
वहीं कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा की पूर्व सरकार को घेरते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश के शासनकाल में प्रदेश में करीब एक हजार दंगे हुए थे जिनमें टांडा भी शामिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान लोग मारे जा रहे थे और उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री व्यस्त थे। इसके विपरीत भाजपा सरकार में कहीं भी दंगा नहीं हुआ। साथ ही अखिलेश यादव की बेटी को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी पर राजभर ने कहा कि बहन-बेटियां किसी की भी हों, उनका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसने भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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इसके अलावा अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह ट्रस्ट से जुड़ा विषय है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग की गई है जिस पर एसआईटी का गठन हो गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सबके समक्ष आ जाएगी।




















